प्रोग्राम के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Brain & Performance Programme क्या है?
The Brain & Performance Programme एक अनूठी उपचार पद्धति है, जिसकी शुरुआत मस्तिष्क और शरीर की कार्यप्रणाली के व्यापक, गहन आकलन से होती है। इन आकलनों के परिणाम हर क्लाइंट के लिए रणनीतिक रूप से तैयार की गई विशिष्ट उपचार योजना का आधार होते हैं, जो व्यक्तिगत सुधार लक्ष्यों पर केंद्रित होती है।
उपचार योजनाओं में अत्यधिक विशेष HBOT सेशन शामिल होते हैं, जिनके साथ संज्ञानात्मक और शारीरिक प्रशिक्षण तथा पोषण और जीवनशैली कोचिंग भी दी जाती है। हमारी ऑक्सीजन थेरेपी और हाइपरबैरिक सुइट के अंदर और बाहर आपके लिए व्यक्तिगत रूप से तैयार की गई प्रशिक्षण गतिविधियों का संयोजन आपको आपके सर्वोत्तम प्रदर्शन की ओर ले जाता है। हमारे क्लाइंट ऊर्जा में वृद्धि, बेहतर शारीरिक प्रदर्शन, बेहतर याददाश्त, बेहतर संज्ञानात्मक कार्यक्षमता और (पुरुषों में) बेहतर यौन प्रदर्शन का अनुभव करते हैं।
हर व्यक्ति की ज़रूरतों को पूरा करने और उसकी प्रगति को सटीक रूप से ट्रैक करने के लिए, Brain & Performance Centre पूरे प्रोग्राम के दौरान नवीनतम मॉनिटरिंग तकनीकों का उपयोग करता है। हम उपचार से पहले और बाद के शारीरिक और संज्ञानात्मक स्वास्थ्य की एक व्यापक रिपोर्ट देते हैं, ताकि आप अपना सुधार स्पष्ट रूप से देख सकें। Brain & Performance Centre का क्लाइंट जीवन भर के लिए हमारा क्लाइंट होता है; यदि आप चाहें, तो प्रोग्राम समाप्त होने के लंबे समय बाद भी हम आपके प्रदर्शन की निगरानी जारी रखते हैं, और आपको स्वास्थ्य और वेलनेस से जुड़े विभिन्न विषयों पर समय-समय पर जानकारी भेजते रहते हैं।
क्या आप एक नई कंपनी हैं?
नहीं, हम 2021 से दुबई में लगभग दो दशकों के शोध पर आधारित चिकित्सा उपचार प्रदान कर रहे हैं। एक DP World कंपनी के रूप में, हमने अपने पहले दिन से ही इस समुदाय में मज़बूत जड़ें बनाई हैं।
Brain & Performance Programme किसके लिए है?
हमारे क्लाइंट जटिल चिकित्सा और प्रदर्शन संबंधी चुनौतियों से निपटने, या संज्ञानात्मक और शारीरिक कार्यक्षमता को बेहतर बनाने, सर्वोत्तम प्रदर्शन बनाए रखने और प्रतिस्पर्धा में फिर से बढ़त पाने के लिए दुनिया भर से आते हैं। वयस्क क्लाइंट्स में हम स्ट्रोक, पोस्ट-कन्कशन सिंड्रोम, हल्की संज्ञानात्मक कमी (माइल्ड कॉग्निटिव इम्पेयरमेंट), फ़ाइब्रोमायल्जिया, पोस्ट-ट्रॉमैटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (PTSD), ट्रॉमैटिक ब्रेन इंजरी (TBI) और पोस्ट-कन्कशन सिंड्रोम, लॉन्ग कोविड-19 सिंड्रोम, लाइम रोग, उम्र से जुड़ी संज्ञानात्मक और शारीरिक गिरावट, अचानक होने वाली सेंसरीन्यूरल श्रवण हानि (SSNHL) सहित उन अन्य स्थितियों का उपचार करते हैं जिनमें हाइपरबैरिक ऑक्सीजन थेरेपी (HBOT) से लाभ देखा जाता है।
हमारे बाल और किशोर क्लाइंट्स का विभिन्न न्यूरोलॉजिकल और विकास संबंधी स्थितियों के लिए उपचार किया जाता है, जिनमें सेरेब्रल पाल्सी (CP), TBI, पोस्ट-कन्कशन सिंड्रोम, स्ट्रोक और ऑटिज़्म स्पेक्ट्रम विकार के कुछ चुनिंदा प्रकार शामिल हैं।
उपचार कौन देता है?
उपचार प्रमाणित स्वास्थ्य पेशेवरों की एक बहु-विषयक टीम द्वारा दिए जाते हैं, जिसमें डॉक्टर, न्यूरोसाइकोलॉजिस्ट, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट, फ़िज़ियोथेरेपिस्ट, स्पोर्ट्स थेरेपिस्ट, ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट, नर्स और डाइटीशियन शामिल हैं। यह टीम मेडिकल डायरेक्टर की देखरेख में काम करती है। देखभाल में निरंतरता और एकरूपता सुनिश्चित करने के लिए हर क्लाइंट को Brain & Performance Centre का एक समर्पित डॉक्टर और एक समर्पित नर्स दी जाती है।
Brain & Performance Programme किन संज्ञानात्मक क्षमताओं में सुधार कर सकता है?
हाइपरबैरिक ऑक्सीजन थेरेपी (HBOT) लगभग एक सदी से क्लिनिकल उपयोग में है और दुनिया भर में अस्पतालों और आउटपेशेंट, दोनों तरह की सेवाओं में कई एक्यूट और क्रॉनिक स्थितियों के लिए दी जाती है। यह एक स्थापित चिकित्सा उपचार पद्धति है, जिसके उपयोग के संकेत स्पष्ट रूप से निर्धारित हैं, और जिसके निषेधों (कॉन्ट्राइंडिकेशन) तथा संभावित दुष्प्रभावों को लंबे समय से अच्छी तरह समझा गया है।
Brain & Performance Programme किन शारीरिक क्षमताओं में सुधार कर सकता है?
The Brain & Performance Programme का उद्देश्य शारीरिक क्षमताओं के विभिन्न पहलुओं में सुधार करना है, जैसे एरोबिक प्रदर्शन और क्षमता, समग्र फ़िटनेस, शरीर की संरचना (बॉडी कंपोज़िशन), मांसपेशियों का द्रव्यमान, ऊर्जा का स्तर, नींद की गुणवत्ता, साथ ही चाल और समग्र संतुलन।
उपचार में कितना समय लगता है?
जैसा कि आप समझ सकते हैं, संज्ञानात्मक और शारीरिक क्षमताओं को रातोंरात नहीं बढ़ाया जा सकता। अधिकतम सफलता पाने के लिए एक क्रमिक और निर्बाध प्रक्रिया की ज़रूरत होती है। इसलिए Brain & Performance Programme में समय लगता है और इसमें निर्देशों का सख़्ती से पालन ज़रूरी है।
हम तीन दिनों के गहन आकलन से शुरुआत करते हैं, जिनके अंत में हम आपके साथ एक व्यापक रिपोर्ट साझा करेंगे, जिसमें आपके संज्ञानात्मक और शारीरिक प्रदर्शन का आधारभूत (बेसलाइन) स्तर बताया जाएगा। यही रिपोर्ट आपकी व्यक्तिगत देखभाल योजना बनाने का आधार भी होती है। इस योजना में HBO थेरेपी के साथ-साथ संज्ञानात्मक और शारीरिक प्रशिक्षण, और पोषण कोचिंग शामिल होगी।
आपके HBOT सेशन प्रतिदिन लगभग दो घंटे, सप्ताह में पाँच दिन, 12 सप्ताह तक चलेंगे। सप्ताह में दो से तीन बार क्लिनिक में आपका समय बढ़ाकर 2.5 घंटे किया जाता है, ताकि आप अपनी स्वास्थ्य टीम द्वारा निर्धारित अतिरिक्त ऑन-साइट प्रशिक्षण में भाग ले सकें।
परिणाम कितने समय तक बने रहते हैं?
परिणाम कितने समय तक टिकते हैं, यह हर व्यक्ति में अलग होता है, और यह व्यक्ति की जैविक बनावट, जीवनशैली और उपचार के दौरान तथा उसके बाद प्रोग्राम के सभी घटकों (मुख्य रूप से पोषण और शारीरिक गतिविधि) के पालन पर निर्भर करता है। The Brain & Performance Centre का वियरेबल डिवाइस और संज्ञानात्मक प्रशिक्षण ऐप हमें – आपकी अनुमति से – समय के साथ आपके शारीरिक और संज्ञानात्मक प्रदर्शन को ट्रैक और मॉनिटर करने की सुविधा देते हैं।
हम तीन दिनों के गहन आकलन से शुरुआत करते हैं, जिनके अंत में हम आपके साथ एक व्यापक रिपोर्ट साझा करेंगे, जिसमें आपके संज्ञानात्मक और शारीरिक प्रदर्शन का आधारभूत (बेसलाइन) स्तर बताया जाएगा। यही रिपोर्ट आपकी व्यक्तिगत देखभाल योजना बनाने का आधार भी होती है। इस योजना में HBO थेरेपी के साथ-साथ संज्ञानात्मक और शारीरिक प्रशिक्षण, और पोषण कोचिंग शामिल होगी।
आपके HBOT सेशन प्रतिदिन लगभग दो घंटे, सप्ताह में पाँच दिन, 12 सप्ताह तक चलेंगे। सप्ताह में दो से तीन बार क्लिनिक में आपका समय बढ़ाकर 2.5 घंटे किया जाता है, ताकि आप अपनी स्वास्थ्य टीम द्वारा निर्धारित अतिरिक्त ऑन-साइट प्रशिक्षण में भाग ले सकें।
हाइपरबैरिक ऑक्सीजन थेरेपी कैसे काम करती है?
हाइपरबैरिक ऑक्सीजन थेरेपी (HBOT) के दौरान, 1.3 एटमॉस्फ़ियर एब्सोल्यूट से अधिक दबाव वाले कमरे में 100% ऑक्सीजन साँस के ज़रिए ली जाती है; जबकि हमारे सामान्य वातावरण में वायु दाब 1 एटमॉस्फ़ियर होता है। इस प्रक्रिया के दौरान शरीर के ऊतकों और अंगों तक पहुँचने वाली ऑक्सीजन की मात्रा, सामान्य वातावरण में साँस लेने की तुलना में 10-15 गुना बढ़ जाती है।
हमने 10 वर्षों से अधिक के वैज्ञानिक अध्ययनों और क्लिनिकल कार्य के आधार पर एक नया हाइपरबैरिक ऑक्सीजन थेरेपी प्रोटोकॉल विकसित किया है। आपके शरीर में फैलने वाली ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ाने के साथ-साथ, उपचार के दौरान यह प्रोटोकॉल आपके शरीर के ऑक्सीजन स्तर में रुक-रुक कर और सटीक उतार-चढ़ाव करता है, ताकि शरीर की कायाकल्प की प्राकृतिक क्षमता को जगाने में मदद मिल सके।
आपके HBOT सेशन प्रतिदिन लगभग दो घंटे, सप्ताह में पाँच दिन, 12 सप्ताह तक चलेंगे। सप्ताह में दो से तीन बार क्लिनिक में आपका समय बढ़ाकर 2.5 घंटे किया जाता है, ताकि आप अपनी स्वास्थ्य टीम द्वारा निर्धारित अतिरिक्त ऑन-साइट प्रशिक्षण में भाग ले सकें।
क्या HBOT कोई नई चीज़ है?
मानक प्रोटोकॉल वाली हाइपरबैरिक ऑक्सीजन थेरेपी 60 से अधिक वर्षों से उपयोग में है। अस्पतालों में इसे 14 संकेतों (इंडिकेशन) के लिए नियमित रूप से दिया जाता है और मुख्य रूप से घाव भरने में मदद (जैसे डायबिटिक घाव) तथा डाइविंग दुर्घटनाओं से निपटने के लिए इसका उपयोग होता है।
इसके जोखिम और संभावित दुष्प्रभाव क्या हैं?
उचित चिकित्सकीय निगरानी में दिए जाने पर HBOT का दीर्घकालिक सुरक्षा रिकॉर्ड मज़बूत है। प्रतिकूल प्रभाव कम ही होते हैं, और उनमें से अधिकांश हल्के, अस्थायी और नियंत्रित किए जा सकने वाले होते हैं। सबसे प्रासंगिक संभावित दुष्प्रभाव इस प्रकार हैं:
1. बैरोट्रॉमा (सबसे आम दुष्प्रभाव)
उपचार से जुड़ा सबसे आम प्रतिकूल प्रभाव मध्य कान का बैरोट्रॉमा है, जो कंप्रेशन (दबाव बढ़ाने) के दौरान दबाव में बदलाव के कारण होता है। इससे कान में असहजता, दबाव या दर्द हो सकता है। कम मामलों में, दबाव से जुड़े लक्षण साइनस को प्रभावित कर सकते हैं, और केवल दुर्लभ मामलों में आंतरिक कान या फेफड़ों को। सावधानीपूर्वक स्क्रीनिंग, मरीज़ को दिए गए निर्देश, नियंत्रित कंप्रेशन दर और करीबी निगरानी इस जोखिम को कम करने में मदद करते हैं।
2. आँखों पर प्रभाव
बार-बार HBOT सेशन के कोर्स के दौरान, आँख के लेंस पर ऑक्सीजन से जुड़े प्रभावों के कारण अस्थायी मायोपिक शिफ़्ट (निकट दृष्टि दोष) हो सकता है। उपचार पूरा होने के बाद यह आमतौर पर ठीक हो जाता है। लंबे समय तक या बार-बार संपर्क से न्यूक्लियर मोतियाबिंद बनने की प्रक्रिया के संभावित रूप से तेज़ होने की ओर संकेत करने वाले प्रमाण भी हैं, हालाँकि यह आमतौर पर लंबे उपचार कोर्स से जुड़ा होता है और मानक प्रोटोकॉल में आमतौर पर नहीं देखा जाता।
3. ऑक्सीजन विषाक्तता
दुर्लभ मामलों में, दबाव में ऑक्सीजन के उच्च स्तर के संपर्क से केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में ऑक्सीजन विषाक्तता हो सकती है, जो दौरे (सीज़र) के रूप में सामने आ सकती है। हमारे HBOT प्रोटोकॉल में ऐसा कम ही होता है, और ऑक्सीजन रोकने पर यह आमतौर पर बिना किसी दीर्घकालिक प्रभाव के जल्दी ठीक हो जाती है। फेफड़ों में ऑक्सीजन विषाक्तता भी संभव है, लेकिन मानक इलेक्टिव (नियोजित) HBOT प्रोटोकॉल में यह शायद ही कभी देखी जाती है। उपचार के दौरान ब्रेक (“एयर ब्रेक”) और स्थापित दबाव प्रोटोकॉल का उपयोग इन जोखिमों को कम करने में मदद करता है।
The Brain & Performance Centre में, आपकी देखभाल के हर चरण में सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाती है। उपचार से पहले क्लाइंट्स की चिकित्सा जाँच (स्क्रीनिंग) की जाती है, हर सेशन के दौरान प्रशिक्षित क्लिनिकल स्टाफ़ उनकी निगरानी करता है, और उनका उपचार ऐसे प्रोटोकॉल से किया जाता है जो सुरक्षा को अधिकतम करने और प्रतिकूल प्रभावों का जोखिम कम करने के लिए बनाए गए हैं।
क्या HBOT से कैंसर हो सकता है?
वर्तमान क्लिनिकल साक्ष्यों के आधार पर, इस बात का कोई प्रमाण नहीं है कि हाइपरबैरिक ऑक्सीजन थेरेपी (HBOT) कैंसर का कारण बनती है या ट्यूमर के बढ़ने या दोबारा होने को बढ़ावा देती है।
HBOT ऊतकों में ऑक्सीजन का स्तर बढ़ाती है, जिसके कारण अतीत में कुछ सैद्धांतिक चिंताएँ उठी थीं। हालाँकि, प्री-क्लिनिकल और क्लिनिकल, दोनों तरह के आँकड़ों में कैंसरकारी प्रभाव या घातक रोग (मैलिग्नेंसी) को बढ़ावा मिलने के प्रमाण नहीं मिले हैं। इसके विपरीत, कैंसर के इतिहास वाले मरीज़ों में HBOT का नियमित और सुरक्षित रूप से उपयोग किया जाता है, विशेष रूप से रेडिएशन से ऊतकों को होने वाली देर से उभरने वाली क्षति (जैसे रेडिएशन सिस्टाइटिस, प्रोक्टाइटिस, और सॉफ़्ट टिश्यू या हड्डी का नेक्रोसिस) के प्रबंधन के लिए, जो मान्यता प्राप्त संकेत (इंडिकेशन) हैं।
महत्वपूर्ण बात यह है कि सक्रिय कैंसर अपने आप में HBOT के लिए निषेध (कॉन्ट्राइंडिकेशन) नहीं है। उपचार के निर्णय हर व्यक्ति के आधार पर, अंतर्निहित स्थिति, समग्र क्लिनिकल संदर्भ और उपचार करने वाले डॉक्टर के मार्गदर्शन को ध्यान में रखते हुए लिए जाते हैं।
Brain & Performance Centre का हाइपरबैरिक सुइट मोनोप्लेस चैंबर या एकल चैंबर से कैसे अलग है?
मोनोप्लेस चैंबर में एक समय में एक व्यक्ति का उपचार होता है और यह आमतौर पर शरीर की लंबाई जितनी एक पारदर्शी ट्यूब के आकार का होता है।
मल्टीप्लेस चैंबर में एक बड़े साझा वातावरण में एक साथ कई क्लाइंट्स बैठ सकते हैं।
Brain & Performance Centre में, हम उन्नत, मेडिकल-ग्रेड मल्टीप्लेस हाइपरबैरिक सुइट्स का उपयोग करते हैं, जिनमें बिज़नेस-क्लास जैसी खुली-खुली सीटों पर अधिकतम 14 क्लाइंट्स बैठ सकते हैं।
मोनोप्लेस चैंबर में आमतौर पर ऑक्सीजन से दबाव बनाया जाता है, और मरीज़ चैंबर के भीतर की हवा में ही साँस लेता है।
इसके विपरीत, मल्टीप्लेस चैंबर में आमतौर पर हवा से दबाव बनाया जाता है, जबकि क्लाइंट मास्क या हुड के ज़रिए ऑक्सीजन लेते हैं। इस डिज़ाइन से उपचार में अधिक लचीलापन, निरंतर क्लिनिकल निगरानी और कुल मिलाकर अधिक आरामदायक अनुभव संभव होता है। निर्धारित एयर ब्रेक के दौरान क्लाइंट आसानी से अपना मास्क हटाकर आसपास की हवा में साँस ले सकते हैं, जिससे ऑक्सीजन के स्तर में नियंत्रित उतार-चढ़ाव होता है, जिसे शारीरिक प्रतिक्रियाओं, विशेष रूप से पुनर्जनन (रीजेनेरेटिव) प्रभावों को बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
हालाँकि उचित रूप से विनियमित चिकित्सा व्यवस्थाओं में संचालित होने पर दोनों प्रकार के चैंबर सुरक्षित हैं, लेकिन मोनोप्लेस चैंबर में इस्तेमाल होने वाले ऑक्सीजन-समृद्ध वातावरण के लिए अग्नि सुरक्षा के अधिक सख़्त नियंत्रण आवश्यक होते हैं।
इसके विपरीत, कम दबाव वाले फुलाने योग्य “घरेलू” चैंबर क्लिनिकल HBOT प्रणालियों के समकक्ष नहीं हैं। इनमें से अधिकांश काफ़ी कम दबाव पर काम करते हैं और मान्यता प्राप्त चिकित्सा हाइपरबैरिक उपचार प्रोटोकॉल में इस्तेमाल होने वाले ऑक्सीजन स्तर तक नहीं पहुँचते। इसके अलावा, इनमें से कई प्रणालियों में उचित चिकित्सकीय निगरानी, मानकीकृत प्रोटोकॉल और नियामक नियंत्रण की कमी गंभीर सुरक्षा चिंताएँ पैदा करती है और इनका उपयोग संभावित रूप से ख़तरनाक बना सकती है।
Brain & Performance Centre में, हमारे हाइपरबैरिक सुइट्स मेडिकल-ग्रेड उपचार को उच्च गुणवत्ता वाले क्लाइंट अनुभव के साथ जोड़ने के लिए बनाए गए हैं। हर क्लाइंट का उपचार करीबी निगरानी वाले वातावरण में होता है, और साथ ही उसे संज्ञानात्मक प्रशिक्षण, पढ़ने या आराम के लिए उपयुक्त एक व्यक्तिगत स्टेशन मिलता है।
क्या HBOT को अमेरिकी फ़ूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन से मंज़ूरी मिली है?
हाइपरबैरिक ऑक्सीजन थेरेपी (HBOT) को अमेरिकी फ़ूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने क्लिनिकल संकेतों (इंडिकेशन) के एक निर्धारित समूह के लिए मंज़ूरी दी है।
The Brain & Performance Programme, जिसका उद्देश्य न्यूरोलॉजिकल और संज्ञानात्मक क्षमताओं को बेहतर बनाना है, वर्तमान में FDA-स्वीकृत संकेत (इंडिकेशन) नहीं है।
हालाँकि, उचित रूप से प्रशिक्षित डॉक्टरों के विवेक पर ऐसे उद्देश्यों के लिए HBOT निर्धारित की जा सकती है और दी जा सकती है, बशर्ते यह उचित चिकित्सकीय निगरानी में और लागू क्लिनिकल तथा नियामक मानकों के अनुसार दी जाए।
Brain & Performance Centre में उपचार का अनुभव कैसा होता है?
आप सुरक्षित, आधुनिक और अत्याधुनिक सुविधाओं में पूरी तरह से व्यक्तिगत अनुभव की उम्मीद कर सकते हैं। आपको नवीनतम चिकित्सा तकनीकों का लाभ मिलेगा, साथ ही एक बेहद प्रशिक्षित और पेशेवर टीम से आत्मीय, व्यक्तिगत सेवा भी।
अधिकांश लोगों को Brain & Performance Centre के हाइपरबैरिक सुइट में बैठना काफ़ी हद तक फ़र्स्ट क्लास में उड़ान भरने जैसा लगता है। जैसे टेक-ऑफ़ और लैंडिंग के समय होता है, आपको कानों में कुछ हल्की असहजता महसूस हो सकती है, लेकिन आपका समग्र अनुभव उच्चतम स्तर का होगा।
Brain & Performance Centre के हाइपरबैरिक सुइट्स न केवल Brain & Performance Programme के परिणामों को अधिकतम करने के लिए, बल्कि शानदार, अनुकूलित बैठने की जगहों के साथ आपके आराम और आनंद को भी अधिकतम करने के लिए बनाए गए हैं। हाइपरबैरिक उपकरणों के विश्व के अग्रणी प्रदाता द्वारा विशेष रूप से निर्मित, Brain & Performance Centre के ट्रीटमेंट सुइट्स दुनिया के सबसे बड़े और सबसे परिष्कृत सुइट्स में से हैं। हर क्लाइंट को एक व्यक्तिगत इंटरैक्टिव टैबलेट दिया जाता है और पूरे उपचार के दौरान पेशेवर स्टाफ़ उसके साथ रहता है।
DP World के Brain & Performance Centre दुबई से संपर्क कैसे करें?
कृपया हमें इस नंबर पर कॉल करें:
UAE के भीतर: 800-2848
UAE के बाहर: +971 4 437 1000
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